पर्वों का पुंज ‘‘दीपावली’’ एवं दीपावली का महत्व | Parvon ka punj “Diwali”

पर्वों का पुंज ‘‘दीपावली’’ दिवाली का महत्व

दीपावली का महत्व ?

दीपावली पर्वों का पुंज है और दीपों का त्यौहार है । हिन्दू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार दीपावली का माना गया है । चार अहोरात्रियाँ होती हैं जिनमें जप-ध्यान, पूजा का विशेष पुण्यफल माना गया है होली-जन्माष्टमी-शिवरात्री एवं दीपावली । आध्यात्मिक रूप से यह ‘अन्धकार पर प्रकाश की विजय’ को दर्शाता है । भारतवर्ष में मनाए जाने वाले सभी त्यौहारों में दीपावली का सामाजिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से अत्यधिक महत्त्व है। … माना जाता है कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा राम अपने चौदह वर्ष के वनवास के पश्चात लौटे थे ।

दीपावली कब है ?

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल दीपावली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर मनाई जाती है । ये हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है । भगवान श्रीराम के वनवास से लौटकर अयोध्या पुनः आगमन पर पूरे अयोध्या को दीपों से सजाया गया था और भगवान के आगमन की खुशियाँ मनाई गयी थी । इसलिए इसे दीपोत्सव के नाम से भी जाना जाता है ।

दीपावली का वैज्ञानिक महत्व !

दीपावली का ये त्यौहार वैज्ञानिक दृष्टी से भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है । दीपावली का ये त्यौहार संधिकाल में आता है, मतलब इस समय बारिश का मौसम जाने और ठंड का मौसम आने को होता है । इस समय धान की फसल आती है और पहले समय में इस समय धान  वर्ष भर उपयोग के लिए घर लाया जाता था।इसके लिए साफ सफाई आवश्यक होती थी । इस समय बारिश समाप्त होती है।बारिश की वजह से सीलन,नमी वगैरह आम बात है।बारिश के चलते घरों को रंग रोगन भी फीका हो जाता है।इसी कारण हम साफ सफाई और पुताई करते हैं ।ताकि सीलन –नमी से भी छुटकारा मिल जाए और घर फिर से पहले की तरह दमकने लगे।बारिश के मौसम में पानी के जमाव की वजह से मच्छर ,मक्खी और छोटे छोटे जीव जंतु भी ज्यादा पनपने लग जाते हैं । जो हमारे द्वारा की गई साफ सफाई से दूर हो जाते हैं । हम घरों को ढेर सारे दीपकों से रोशन कर देते हैं । इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है । साथ ही हम इस पर्व पर कई तरह के विशेष व्यंजन बनाकर खाते हैं । कभी सोचा है आपने यह सारे व्यंजन हम किसी अन्य त्योहार या मौसम में तो नहीं बनाते परंतु इसी मौसम में, इसी पर्व पर क्यों बना कर खाते हैं। इसका कारण यह है कि जब बारिश का मौसम जाता है कई सारी बीमारियां पनपने की संभावना ज्यादा होती है, और यह सारे व्यंजन हमारे शरीर की इम्युनिटी क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं ।अन्य मौसम की तुलना में इस समय हमारा शरीर भी इस तरह के भोजन को पचाने में अनुकूल होता है। हम इसीलिए तो ठंड के मौसम में “ठंड के लड्डू” भी बनाकर खाते हैं ।

इस दिन दान का भी विशेष महत्व माना गया है । दीपावली के अवसर पर लोग अपने पडोसीयों और बहुत से लोगों में मीठाई, वस्त्र, नये उपहार आदि बाँटते हैं । दरीद्रनारायणों में दान करते हैं । घर में साफ सफाई करते हैं और जरूरतमंदों को सहायता पहुँचाते हैं । गरीबों को असहाय समझकर नहीं बल्कि उन्हें दरीद्रनारायण कहकर उनमें भी उस नारायण का वास है और हम अपने क्षमता अनुसार प्रभू श्री नारायण की सेवा कर रहे हैं इस भाव से दान पुण्य हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार किया जाता है । साथ ही आज ही की रात्री माता लक्ष्मी की पूजा आराधना भी की जाती है । एक पौराणिक कथा के अनुसार आज ही के दिन भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारण करके हिरण्यकश्यप का वध किया था ।

दीपावली के दिन क्या करें ?

– दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन की तैयारी सूर्योदय से पहले ही स्नान आदि से निवृत्त होकर कर लेनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से शुभता की प्राप्ति होती है।

– पूजा से पहले घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करनी चाहिए। घर को फूल, आम के पत्तों की तौरण और रंगोली आदि से सजाना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में बरकत होती है।

– दिवाली के दिन भगवान गणपति और माता लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए एवं पूजन में गाय के घी का दीपक इस्तेमाल करना चाहिए । मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी अपनी कृपा बरसाती हैं ।

– कच्चे दूध, गुलाब के फूल, इत्र, चंदन, अबीर, गुलाल, कुमकुम आदी से भगवान गणपति एवं माता लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए । नैवैद्य में फल, मिठाई आदी का भोग लगाकर प्रसाद सबमें बाँटना शुभ माना गया है ।

– घर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीपक जलाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

– गणेश-लक्ष्मी पूजा के दौरान पीले वस्त्रों को धारण करना शुभ माना जाता है ।

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

Vedictale परिवार की और से आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ ! वैदिक कहानियों के माध्यम से हम आप तक सही जानकारियाँ, हमारे त्यौहार व हमारे पुराणों वेदों का महत्व व उनकी महिमा आपतक पहुँचाते हैं । इन त्यौहारों पर क्या करें क्या न करें । इनका वैज्ञानिक महत्व क्या है । इसके साथ ही हमारे महापुरुषों और प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से आपके बच्चों को रोचक ढंग से अपने शास्त्रों की जानकारियाँ देने का ये छोटा सा हमारा प्रयास है । आपसे अनुरोध है आप इस सुप्रचार में हमारा सहयोग करें एवं हमारे शास्त्रों व महापुरुषों, देशभक्तों, गुरुभक्तों की रोचक कहानियों को अपने परिचित व्यक्तियों तक अवश्य पहुँचायें । ताकि हमारी भावी पीढी के बच्चे अपने हिन्दू धर्म की महानता को पहचान सकें ।


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